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कुछ देख परख…

Vote nowकुछ देख परख के लाउ, या बिन देखे अपनाऊं मैं; कुछ शब्दों के अलफाज़ों से, या आँखों […]

नारी

Vote nowक्यूँ सहती हैं नारी                अनाचार भारी            […]

बियाबान

Vote nowबियाबान में जो आज एक फूल महका है खालीपन के उसलूब में मुख़्तलिफ़ के जैसा हैं। रियाध […]

पंछी की प्रीत

Vote now◆ ◆ ◆【  पंछी  की  प्रीत   】◆ ◆ ◆ एक पंछी को मिल गयी आदमी की आवाज […]

“बिंदिया देखेगी”

Vote nowमैं नहीं देख रहा दुनिया देखेगी समंदर तेरी राहें नदियां देखेगी मेरे अज़ीज़ तेरे हुनर का जादू […]

ऐसा वो चंचल मन जब उड़ान भरता है

Vote nowएक परिंदा जो हर रोज उड़ान भरता है, खाने की नहीं, वो किसी और की तलाश में […]

शायद एक दिन

Vote nowशायद एक दिन सिग्नल से लगी गाड़ियां पिघल जाएगी चिपक जाएगी सड़क से, कुछ लोग निकलेंगे उसमें […]