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जब हिन्दू और मुस्लिम सो जाते हैं by Vijay garvit

जब हिन्दू और मुस्लिम सो जाते हैं   तब मन्दिर और मस्जिद चुपके से बतियाते है   जो […]

बेवफा by Naman Bhardwaj

झूठ से हो लाभ तो अवश्य बोलिये  ओरो की क्या बात, अपनी सोचिये। झूठ तो सच है जब […]

वक्त की धारा by Pramod Mundra

मैंने .. हर रोज .. जमाने को .. रंग बदलते देखा है …. उम्र के साथ .. जिंदगी […]

तुम जिन्दा हो हमारे दिलो में by Neera Jain

दामिनी तुम मरी नहीं हो , तुम जिन्दा हो , लोगो के दिलो और धड़कनो में।  हर एक […]

माँ by Chaitanya Solanki

नीवं का पत्थर होती है माँ, सागर का मोती होती है माँ।   कितना कुछ सहती है, फिर […]

Bekarar By Kaushal Meena

बेकरार है हमभी बेकरार हो तुम भी कुछ कहने को हम भी कुछ सुनने को तुम भी बेकरार […]

जिंदगी by Yash

मै बहतीहवा मेंउड़ताजा रहाथा, कभी धुप कभी छाव में मंडरा रहा था  एक समय ऐसा भी आया, जबमेरे […]

जीवन एक रणक्षेत्र by Vimal Soni

बहुत आसान् है कष्ट से डर, खड़ाऊ पहन के चल देना.. पत्थर, शूलों की चुभन से डर, दूर्वा […]

IKTIYARI By Pallavi Rao

Iktiyari sab khafa kar Besabab hi chaiye Ab muje Khumar chada De Kuch Esa K! M na milu […]