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Maa By Prachi Agarwal

प्यार बहुत वो करती है फ़र्ज़ अदा सभी करती है जीवन से घबराती हूँ  हर बार मुझे समझाती […]

कुछ खोज रही हूँ। By नमिता एस कल्ला

आदमी में आदमियत कहीं खोज रही हूँ जाने क्यूँ में एक पाक नीयत खोज रही हूँ गुमशुदा हुई […]

एक तिलिस्म — गुलज़ार साहब by Jaishree Rathore

मौका मिले तो एक शख्स को किसी तिलिस्मात से अपने वश में कर के, उनकी सुध-बुध भुला कर […]

RAABTA by Gaurav Lamba

मैं अब चलता हूँ |  मैं अब चलता हूँ मेरी जाँ कि लौटना अब ज़रूरी है, तेरी बातों […]

जननी by Sanjay Bothra

विलंब कर रहा था छलनी ह्रदय को, जकड़ रखा था आशाओं को मजबूती से, चहकेगा बचपन कभी तो […]

शोहरत by Gunjan jhajharia

सूर्य से पहले आँखों की पुतली खोले. पहली ही किरण से मिला कर नजरें, इरादों के भाव तोले. […]

मृत्यु का स्वागत by Girish Shashtri

आज ख़ुश हूँ मैं कि लोग आयेंगें मेरे घर पर  और बैठेंगें चारों ओर मेरे। पूछेंगें मेरे बारे […]

मैं हूँ एक इंसान, बस यही है मेरी पहचान by Raksha Soni

मैं तो एक रंग में रंगा साँवरे, वो रंग हैं मेरे राष्ट्र का। न हूँ हिन्दू, न मैं […]

मैं कभी रुका नहीं by Anuj pareek

मैं कभी रुका नहीं यू ही चलता गया लाख कोशिशो के बावजूद मिली सफलता लेकिन मैं क भी […]

ज़रा रुक कर तो सोचो by Saket Kumar

सांझ तले जब पत्तों से पटे रास्तों से गुज़रा लगा जैसे बहती हवा भी कुछ कह रही है […]